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Chaiti Chhath 2024: बिहार में चैती छठ का भी है अपना अलग महत्व
Chaiti Chhath 2024: बिहार में चैती छठ बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार यह 12 अप्रैल से नहाए खाए के साथ आरंभ होगा। उसके बाद 36 घंटे के निर्जला व्रत और कठोर साधना के साथ इस व्रत की समाप्ति होगी।
क्यों मनाया जाता है चैती छठ?
चैती छठ एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो उत्तर भारतीय राज्यों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार विशेष रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल में बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। चैती छठ के दिन लोग अपने ग्राम्य और समुद्र तटीय क्षेत्रों में सूर्य और छठी माँ की पूजा अत्यंत उत्सुकता से करते हैं।
यह त्योहार विशेष रूप से सूर्य की पूजा के लिए मनाया जाता है, जो जीवन की स्रोत है। इसके दौरान, लोग अपने घरों को सजाते हैं, गंगा घाटों पर जाते हैं, और सूर्योदय और सूर्यास्त के समय व्रत और पूजा करते हैं। छठी माँ की पूजा के बाद, प्रसाद बनाया जाता है और इसे छठी माँ को अर्पित किया जाता है।
Chaiti Chhath 2024: प्रकृति के उत्साह का त्योहार है छठ
इस त्योहार के माध्यम से लोग अपने परिवार, समुदाय, और प्राकृतिक उत्साह का आनंद लेते हैं। इसके अलावा, यह एक अवसर है जब लोग अपने धर्म, संस्कृति, और परंपराओं को महसूस करते हैं और उन्हें समृद्धि और सौभाग्य की कामना करते हैं। इस तरह, चैती छठ एक महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक अवसर है जो लोगों को एक-दूसरे के साथ जोड़ता है और उन्हें अपनी धरोहर के प्रति गर्व महसूस कराता है।