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Glimpses of 75th Republic Day Parade: नारी सशक्तिकरण को समर्पित समारोह, फ्रांसीसी राष्ट्रपति बने गौरवान्वित क्षण के साक्षी

राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक Glimpses of 75th Republic Day Parade सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह

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Glimpses of 75th Republic Day Parade
Glimpses of 75th Republic Day Parade

राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक Glimpses of 75th Republic Day Parade सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह की बुलंदी और परंपरागत परेड कई मायनों में खास रहा। इस समारोह में मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां रहे। अंत में राफेल विमान के विक्ट्री साइन के समारोह के साथ परेड का समापन हुआ।

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Glimpses of 75th Republic Day Parade: कई मायने में है खास

हम सभी जानते हैं कि 26 जनवरी 1950 को पहली बार हमारा संविधान लागू हुआ था, जिसको बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। तो वहीं कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में परेड को लेकर खास तैयारी की गई है। इस वक्त दिल्ली छावनी में तब्दील नजर आई और चप्पे-चप्पे पर चौकसी का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला।

अभी तक हमेशा परेड की शुरुआत सैन्य बैंड के साथ होती आई है। लेकिन इस बार देशभर की 100 महिला सांस्कृतिक कलाकार पारंपरिक वाद्यों के साथ परेड का आगाज किया गया। विकसित भारत और भारत लोकतंत्र की मातृका- दोनों विषयों पर आधारित इस वर्ष की परेड में लगभग 13000 विशेष अतिथि हिस्सा लिया। पूरा कार्यक्रम 90 मिनट का हुआ।

Glimpses of 75th Republic Day Parade: मजबूत होते व्यापारिक रिश्ते

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 25 जनवरी, गुरूवार को भारत पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। उन्होंने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत जयपुर से की, जहां मोदी और वो एक साथ एक रोडशो में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने एक खुली जीप में खड़े होकर एक 1.5 किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया।

“भारत-फ्रांस दोस्ती” का दौर

सड़क के किनारे लोगों की भीड़ लगी थी, जिन्होंने गुलाब और गेंदे के फूलों की पट्टियां दोनों नेताओं पर बरसाईं। पूरे रास्ते पर दोनों नेताओं के बड़े बड़े कटआउट लगे थे जिन पर “भारत-फ्रांस दोस्ती” लिखा था।

माक्रों के बारे में मोदी ने एक्स पर लिखा, “उनकी मौजूदगी न सिर्फ हमारे देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करती है बल्कि दोस्ती और सहयोग के हमारे साझा इतिहास में एक महत्वपूर्ण पन्ना भी जोड़ती है।”

बाद में दोनों नेताओं ने जयपुर के ही एक होटल में एक बैठक भी की और फिर नई दिल्ली रवाना हो गए। इस बैठक के बारे में कोई आधिकारिक बयान तो जारी नहीं किया गया लेकिन उम्मीद की जा रही थी कि दोनों ने अर्थव्यवस्था, रक्षा, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा और भारत-प्रशांत इलाके में फ्रांस की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

Glimpses of 75th Republic Day Parade: कई बार मिले हैं दोनों नेता

फ्रांस ने भारत के साथ रक्षा संबंधों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसमें टेक्नोलॉजी साझा करना भी शामिल है। भारत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों देश साथ मिल कर रक्षा परियोजनाओं को विकसित करने और उत्पादन करने पर काम कर रहे हैं।

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बता दें कि माक्रों नवंबर में भी भारत आए थे, जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने काफी आगे बढ़ कर भारत को रणनीतिक साझेदार और हथियारों के खरीदार के रूप में लुभाने की कोशिश की है। पिछ्ले साल उनके निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस में बास्टील दिवस के जश्न में शामिल हुए थे।

नारी सशक्तिकरण को समर्पित आयोजन

गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली पुलिस की तरफ से परेड में केवल महिला पुलिसकर्मी शामिल हुईं। मार्चिंग दस्ते में कुल 194 महिला हेड कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल ने हिस्सा लिया। इस परेड का नेतृत्व आईपीएस ऑफिसर श्वेता के सुगथन ने की। सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भूमिका से लेकर महिला वैज्ञानिकों के योगदान की झलक देखने को मिली।

सशस्त्र बलों की परेड में मिसाइल, ड्रोन जैमर, निगरानी प्रणाली, वाहन पर लगे मोर्टार और बीएमपी-2 पैदल सेना के लड़ाकू वाहन जैसे घरेलू हथियारों और सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।

वहीं पहली बार तीनों सेनाओं का महिला दस्ता देश के इस सबसे बड़े समारोह में शामिल हुआ। इसके अलावा बीएसएफ, सीआरपीएफ और एसएसबी की महिला कर्मियों ने मोटरसाइकिल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान साहसिक करतब दिखाकर देश की नारी शक्ति का प्रदर्शन किया।

वायु सेना के करतब से खत्म हुई परेड

गणतंत्र दिवस के मौके पर 54 विमानों/हेलिकॉप्टरों का लुभावना एयर शो देखने को मिला, जिसमें फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष बल के तीन विमान, भारतीय वायु सेना के 46, भारतीय नौसेना का एक और भारतीय सेना के चार हेलिकॉप्टर ने फ्लाई पास्ट में भाग लिया। विमानों ने परेड देखने वाले लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और हवा में अनेक आकृतियां उकेरीं। पायलटों ने हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर तेजस, राफेल, एसयू-30, मिग-29 अपग्रेड, पी-8आई, जगुआर डकोटा, डोर्नियर, सी-17, सी-130जे के साथ-साथ लाइट फाइटर हेलिकॉप्टर प्रचंड के साथ उड़ान भरी, वायुसेना के करतब के साथ ही परेड का समापन हुआ।

Glimpses of 75th Republic Day Parade: सीएसआईआर की झलक

जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह में हो रही ‘बैंगनी क्रांति’ को शुक्रवार को गणतंत्र दिवस परेड में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की झांकी में महत्पपूर्ण स्थान मिला। सीएसआईआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया ‘बैंगनी क्रांति’ भारत की वैज्ञानिक शक्ति और भद्रवाह व आसपास के क्षेत्रों के उन किसानों की मेहनत की भावना को प्रदर्शित करती है, जो पिछले कुछ वर्षों में उद्यमी बन गए हैं। लैवेंडर के फूलों से सजी मनमोहक झांकी जम्मू में सीएसआईआर-‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन’ में लैवेंडर की एक विशिष्ट किस्म के विकास, इसकी खेती और तेल, इत्र एवं अगरबत्ती बनाने के लिए इसके प्रसंस्करण की कहानी बयां कर रही थी।

भारतीय वायु सेना का पराक्रम

परेड दस्ता में भारतीय वायुसेना दल में 144 वायुसैनिक और चार अधिकारी शामिल रहे। उनकी झांकी भारतीय वायु सेना की थीम ‘सक्षम, सशक्त, आत्मनिर्भर’ पर आधारित थी। झांकी में एलसीए तेजस और Su-30 को IOR के ऊपर उड़ान भरते हुए दिखाया गया।

रामलला की दर्शान कराती यूपी की झांकी

उत्तर प्रदेश की झांकी पर सबका ध्यान रहा। यह झांकी भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या पर केंद्रित रही। झांकी के चारों ओर की झालर दीपोत्सव को चित्रित करती है जो कि भगवान राम के अयोध्या आगमन के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया प्रकाश उत्सव है।

चंद्रयान-3 की चमक

गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड दस्ते में इसरो भी शामिल हुआ। इस दौरान चंद्रयान-3 की झांकी निकाली गई। चंद्रयान-3 की झांकी देख दर्शकों के साथ केंद्रीय मंत्री भी उठ खड़े हुए।

बीएसएफ का ऊंट दस्ता और परेड

बीएसएफ के ऊंटों के दस्ते की कमान डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह खीची ने की। बीएसएफ के शाही ऊंट राजस्थान और गुजरात सीमा पर कुख्यात तस्करों और चरमपंथियों का सफलतापूर्वक पता लगाने में सहायक रहे हैं।

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बच्चों का परेड

कर्तव्य पथ पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता गुजरे। इन बच्चों को बहादुरी, कला एवं संस्कृति, नवाचार, विज्ञान, समाज सेवा, खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि वाले बच्चों को सम्मान के रूप में प्रदान किया जाता है।

फ्रांसीसी सेना संगीत परेड

75वें गणतंत्र दिवस पर कर्वत्य पथ पर फ्रांसीसी विदेशी सेना के दूसरे इन्फैंट्री रेजिमेंट के 30 संगीतकारों और फ्रांसीसी मार्चिंग दल से युक्त फ्रांसीसी विदेशी सेना संगीत बैंड ने परेड किया। इनके ऊपर कर्तव्य पथ पर दो राफेल लड़ाकू विमानों ने भी उड़ान भरे।

घुड़सवार रेजीमेंट की अगुवाई

दुनिया के एकमात्र घुड़सवार रेजीमेंट ने शुक्रवार को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड की अगुवाई की। सेना के 61वें घुड़सवार दस्ते का नेतृत्व मेजर यशदीप अहलावत ने की। इस रेजीमेंट की स्थापना 1953 में की गई थी। 61 कैवेलरी दुनिया में एकमात्र सेवारत सक्रिय घुड़सवार दस्ता है, जिसमें सभी स्टेट हॉर्स्ड कैवेलरी यूनिट शामिल हैं।