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क्या आप जानते हैं Income Tax Notice 141(1) का मतलब ?
अगर आप Income tax notice को लेकर काफी कन्फ्यूजंस रहते हैं तो यह टेंशन आपको रहनी भी चाहिए, Income tax notice फाइल करने में अगर कुछ भी गलती हुई

अगर आप Income tax notice को लेकर काफी कन्फ्यूजंस रहते हैं तो यह टेंशन आपको रहनी भी चाहिए, Income tax notice फाइल करने में अगर कुछ भी गलती हुई तो नोटिस पक्का है। आइये, जानते हैं ऐसी स्थिति में क्या करें?
क्या है ITR में लेटर ऑफ इंटीमेशन?
Income tax notice की भाषा में इसे लेटर ऑफ इंटीमेशन (Letter of Intimation) कहा जाता है। ये नोटिस बताता है कि आपकी तरफ से भरा गया रिटर्न सही है या गलत। रिटर्न फाइल करने के दौरान अगर आपने इंटरेस्ट की जानकारी (data) गलत भरी है या फिर कोई छोटी-मोटी गलती हुई है तो भी ऐसा नोटिस आ सकता है। यह नोटिस बताता है कि रिटर्न में जो भी गलतियां की हैं, उन्हें ठीक कर लें।

बता दें कि Income Tax Notice के मामले में पहले इन्वेस्टमेंट को लेकर फिर टैक्स बचाने की कोशिश को लेकर। वहीं रिटर्न भरने से लेकर रिफंड आने तक कई बार आपको अपनी टैक्स कैलकुलेशन (Tax Calculation) करनी पड़ती है। लेकिन, अगर गलती आपकी तरफ से ना हो और फिर भी नोटिस आए तो? ऐसा भी हो सकता है। लेकिन, घबराएं नहीं।
Income Tax Notice: धारा 143(1) का मतलब
व्यक्तियों को आकलन वर्ष के 31 जुलाई को या उससे पहले अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना होता है। रिटर्न फाइल करने के बाद टैक्स विभाग रिटर्न की प्रोसेसिंग करता है। इस प्रक्रिया के दौरान, आयकर विभाग को कई तरह की विसंगतियां मिल सकती हैं, जैसे कि डेटा, गणना आदि। ऐसे मामलों में, विभाग एक नोटिस भेजेगा – जिसे धारा 143(1) के तहत सूचना भी कहा जाता है।

ऐसे समझें Income Tax Notice की भाषा
- अगर इनकम टैक्स रिटर्न के दौरान जो टैक्स भरा है, आपकी देनदारी उससे ज्यादा बन रही हो।
- अगर आपने रिटर्न के दौरान जो टैक्स भरा है, आपकी देनदारी उससे कम बन रही हो या फिर आपने रिटर्न सही भरा है।
- एक्सपर्ट मानते हैं कि ऐसा नोटिस अक्सर हर करदाता के पास आता है। अगर आपके पास ऐसा नोटिस नहीं आता है तो आप मान सकते हैं कि आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं किया गया है।
ईमेल आईडी पर भेजा जाता है Income Tax Notice
आपको जानना चाहिए कि इनकम टैक्स नोटिस टैक्स पेयर के रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर भेजा जाता है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस भी भेजा जाता है जिसमें सूचित किया जाता है कि पंजीकृत ईमेल आईडी पर सूचना नोटिस भेज दिया गया है।
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Section 156 डिमांड नोटिस को समझें
धारा 156 के तहत एक इनकम टैक्स का नोटिस बकाया बकाया राशि, ब्याज, जुर्माना इत्यादि के खिलाफ जारी किया जाता है। ऐसी सूचनाएं आम तौर पर आयकर रिटर्न के पोस्ट असेसमेंट के बाद भेजी जाती हैं। नोटिस, असेसमेंट ऑफिसर इसे जारी करता है जो ड्यू अमाउंट के लिए निर्देश देता है और किसी भी जुर्माना से बचने के लिए टैक्सपेयर को समय पर बकाया राशि को जमा करने के लिए कहता है।
कब आती है ऐसी परिस्थिति
एक बार विभाग से सूचना प्राप्त होने के बाद, कई परिदृश्य हो सकते हैं, जैसे वेतन से टीडीएस की गलत कटौती और आय की कम रिपोर्टिंग की स्थिति आते ही इस तरह के दायरे में नोटिस आ सकती है।
पहला यह कि टैक्स डिपार्टमेंट इनकम टैक्स की कोई डिमांड नहीं करता है। इस मामले में, निर्धारिती को किसी भी चीज़ के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। दूसरा परिदृश्य टैक्स रिफंड का हो सकता है और तीसरा यह है कि कर की मांग है।
Income Tax Notice की समय सीमा
हालांकि विभाग आमतौर पर टैक्स रिटर्न दाखिल करने की एक छोटी अवधि के भीतर एक नोटिस भेजता है, इस सूचना को भेजने की अधिकतम समय सीमा वित्तीय वर्ष के अंत से नौ महीने होती है जिसमें रिटर्न दाखिल किया गया है।
जवाब देने में न करें देरी
इनकम टैक्स (Income Tax) डिपार्टमेंट की तरफ से इसको लेकर मेल भेजता है। टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 143(1) के तहत आने वाले टैक्स नोटिस को ‘नोटिस ऑफ डिमांड’ कहा जाता है। यानी अगर आपकी कोई टैक्स देनदारी बकाया है तो आप इस मैसेज के मिलने से 20 दिनों के भीतर उसका भुगतान कर दें। अगर आप इसमें देरी करते हैं तो 30 दिन बीत जाने के बाद आपको एक फीसदी की दर से मासिक ब्याज अदा करना होगा।
क्या करना चाहिए?
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाएंगे तो आपको होमपेज पर बाईं तरफ के कॉलम में 9वें नंबर पर ITR Status लिखा मिलेगा।
- इस पर क्लिक करेंगे तो नया पेज खुलेगा जहां आपको पैन नंबर, आईटीआर अकनॉलेजमेंट नंबर और कैप्चा कोड भरना होगा। ध्यान रहे कि अकनॉलेजमेंट नंबर आईटीआर सबमिट करने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रजिस्टर्ड मेल आईडी पर भेजता है।
- ये सारे डीटेल सबमिट करने के बाद आईटीआर प्रोसेसिंग की स्थिति पता चल जाएगी। अगर रिटर्न प्रोसेस नहीं हुआ है तो Return Submitted and verified और प्रोसेस हो गया तो Return Processed and Refund Paid लिखा हुआ आएगा।
- अगर आप इनकम टैक्स की वेबसाइट पर लॉग इन करेंगे तो डैशबोर्ड पर Filing of Income Tax Return और नीचे View Returns/Forms लिखा मिलेगा।
- आप दूसरे ऑप्शन पर क्लिक करेंगे तो नया पेज खुलेगा जिसमें ऊपर आपका पैन नंबर अपलोड रहेगा और नीचे असेसमेंट इयर (आकलन वर्ष) एवं इनकम टैक्स रिटर्न का सिलेक्शन करना होगा।
- फिर सबमिट करने के बाद रिटर्न स्टेटस दिख जाएगा। अगर रिटर्न प्रोसेस नहीं हुआ होगा तो स्टेटस में Successfully verified लिखा होगा।
- ITR Processed लिखा हो तो समझ लीजिए कि आपका आईटीआर प्रोसेस हो चुका है।